Monday, September 1, 2025
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    पुलिस अधिकारी बन Digital Arrest  कर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

    सीबीआई,नारकोटिक्स व क्राईमब्रांच का अधिकारी बनकर ठगी

    लखनऊ। पुलिस अधिकारी बनकर Digital Arrest कर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के पांच सदस्यों को एसटीएफ की टीम ने गुरूग्राम हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

    साइबर क्राइम में मुकदमा पंजीकृत

    अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया की काफी समय से सीबीआई,नारकोटिक्स व क्राईमब्रांच का अधिकारी बनकर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। इस सम्बन्ध में टीम तैयार कर अभिसचूना तन्त्र को सक्रिय किया गया था। इस सम्बन्ध में डा अशोक सोलंकी निवासी लखनऊ नेे थाना साइबर क्राइम में मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिस पर कड़ी मेहनत कर तकनीकी विषेषज्ञता के आधार पर होटल दा शान नियर बस स्टेशन गुरूग्राम हरियाणा से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
    जिनकी पहचान गैग के सरगना पंकज सुरेला निवासी ग्राम खोरी, थाना बानसूर, जिला अलवर (कोटपुतली बहरोड) राजस्थान, सागर सिंह  निवासी छोटा मुहल्ला ऐट, थाना ऐट ,जनपद जालौन, सनी वर्मा निवासी नन्दनपुरा, थाना सीपरी बाजार, जनपद झांसी,अंशुल माहौर निवासी कमल सिंह कालोनी, थाना प्रेमनगर, जनपद झांसी समेत अभय सिंह निवासी ग्राम रैपुराजाट मथुरा हालपता रेलवे कालोनी, रानी लक्ष्मी नगर, झांसी के रूप में हुई।

    एक पाकिस्तानी नागरिक

    गिरफ्तार अभियुक्त पंकज नें पूछताछ में बताया कि मैं मार्च 2024 में मैं कम्बोडिया गया था। वहां पर सुरेश सेन ने तीन लाख रूपये लेकर भेजा था। मेरे साथ पंकज यादव व बस्तीराम यादव निवासी रामनगर थाना बांनसुर अलवर राजस्थान गये थे। एयरपोर्ट से हमें एक पाकिस्तानी नागरिक लगभग 500 किमी दूर कम्पनी के आफिस लेकर गया। उस कम्पनी के मालिक चाइना के करीब छह लोग थे। जिसमे भारत ,पाकिस्तान व नेपाल के लोग काम करते हैं। वहां पर हम लोगो को ट्रेनिंग दी गयी कि आपको भारतीय लोगो को काल कर बताना हैं कि मैं कस्टम या नारकोटिक्स डिपार्टमेन्ट से बात कर रहा हूं।आपके नाम से एक पार्सल मलेशिया ,श्रीलंका व चाइना भेजा जा रहा हैं।इसमें आपका नाम हैं। जिसे वेरीफाई किया जा रहा है। इसमें बहुत अवैध ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट व अन्य सामान हैं।

    डरा धमका कर मोटी रकम वसूली

    आपकी जांच सीबीआई, नारकोटिक्स या क्राइम ब्रांच को ट्रान्सफर कर दी गयी हैं। अब आपकी जांच वहां से हो रही है। फिर हम लोग सीबीआई,क्राइम ब्रांच या ईडी अधिकारी बनकर लोगो को बताते थे कि आपकी जांच हम कर रहे हैं जब तक आपकी जांच समाप्त नहीं हो जाती है आपको डिजिटली अरेस्ट कर रहे हैं। अब आप आनलाइन हमारे सम्पर्क में रहेंगे। इसके बाद उन लोगों को डरा धमका कर केस समाप्त करने के नाम पर मोटी रकम भारतीय बैंक खातों में वसूलते हैं। भारत में इन खातों को आपरेट करने के लिए इन कम्पनियों से जुडे हुए लोग रहते है।

    कम्बोडिया में सिक्योरिटी के तौर पर

    उनका एक आदमी कम्बोडिया में सिक्योरिटी के तौर पर इस कम्पनी में रहता है।  बैंक खातें में आये रूपये मे से बैंक खाता धारक व एकाउन्ट आपरेटरों को 30 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। शेष 70 प्रतिशत कम्पनी के वालेट में क्रिप्टो के माध्यम से भेजा जाता है। सुरेष सेन ने कालिंग के काम के लिए इंडिया से लगभग 100 लोंगों को कम्बोडिया भेज रखा है। कुछ दिन काम करने के बाद मैं व बस्तीराम यादव इंडिया वापस आ गये और इंडिया में मै बैंक खातों को आपरेट करने का काम करने लगा।
    इसी बीच मेरी मुलाकात इस काम को लेकर राज कुमार सिंह, सागर सिंह,संदीप,सनी वर्मा से हुई। सागर सिंह  कार्पोरेट बैंक खाते जिनकी लिमिट एक करोड से अधिक हो उनकी चेकबुक, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिग का यूजरआईडी पासवर्ड, एमक्यूआर, बैंक खाते से लिंक सिम व ईमेलआईडी, आधार कार्ड व पैनकार्ड एकत्र कर मुझे देता था। मैं बैंक खाते से लिंक सिम वाली डिवाइस में एपीके फाइल के माध्यम से एक साफ्टवेयर डाउनलोड कर देता था। जिसके बाद में बैंक खाता धारक को कब्जे में ले लेता था। फिर अपने पार्टनर राजकुमार, गैंग के सदस्यों से सम्पर्क कर उस बैंक खातें में बेनीफिसयरी एड कराकर बैंक खाते को ट्रांजेक्षन के लिए रेडी करा लेता था।

    फ्राड करने के लिए चार से पांच लेयर तैयार की जाती है

    एक खातें में फ्राड करने के लिए चार से पांच लेयर तैयार की जाती है।जिसमें कम से कम 30-40 बैंक खातों का प्रयोग किया जाता है।  साइबर ठगी के लिए मेरे एवं गैंग द्वारा अब तक लगभग 500 बैंक खातों का प्रयोग किया जा चुका है। गिरफ्तार अभियुक्त सागर ने पूछताछ में बताया कि मैं उरई का रहने वाला हूँ तथा झांसी में रहकर संदीप, सनी, अभय, अंसुल आदि के माध्यम से कार्पोरेट बैंक एकाउन्ट को इकट्ठा करने का काम करता हूँ। डा0 अशोक सोलंकी के साथ हुई ठगी में मैं भी शामिल था तथा मुझे भी अपना कमीशन मिला था।
    गिरफ्तार अभियुक्त सनी वर्मा ने पूछने पर बताया कि दीपावली के तीसरे दिन जिस केनरा बैंक खाते में लगभग 2.5 करोड रूपये की साइबर ठगी का काम किया गया था वह एकाउन्ट मैने ही सागर को उपलब्ध कराया था। कल यहां पर लोगों को डिजिटली अरेस्ट कराकर बैंक खातों में ठगी कराने के लिए आया था । मेरे साथ अंशुल महौर व अभय सिंह भी आये थे। यही लोग बैंक खाते फील्ड से इकट्ठा करते हैं। केनरा बैंक का उपरोक्त खाता यही लोग लाये थे ।
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