गोरखपुर । जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि महिलाओं के पहले रक्षक जटायु जी थे। आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं की पुख्ता सुरक्षा की व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है।
जटायु संरक्षण केंद्र की स्थापना सीएम योगी ने विलुप्त हो रहे राजगिद्ध को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से की है। रविकिशन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर का अभूतपूर्व विकास हुआ है। यह पर्यटन का केंद्र बन गया है। यहां बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं।
मुख्यमंत्री की सोच यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की है। उनके शासन में सभी लोगों को योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव मिल रहा है। सांसद ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यह बयान कि उनकी सरकार आई तो सारे बुलडोजर गोरखपुर कूच करेंगे, नितांत शर्मनाक है। क्या उनकी सोच सनातन साहित्य के सबसे बड़े केंद्र गीताप्रेस पर बुलडोजर चलाने की है या फिर नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर पर। उद्घाटन समारोह को विधायक फतेह बहादुर सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान राज्य मंत्री केपी मलिक, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, फरेंदा के पूर्व विधायक बजरंगी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
संरक्षण केंद्र के जरिए बढ़ेगी राजगिद्धों की संख्या
इस जटायु संरक्षण केंद्र का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर 2020 को किया था। राजगिद्ध जटायु की गाथा तो रामायण काल से ही सभी जानते हैं लेकिन पर्यावरणीय खतरे के चलते जटायु के वंशजों के अस्तित्व पर ही संकट आ गया। योगी सरकार ने इस संकट को दूर करने का संकल्प लिया है। राजगिद्ध के संरक्षण व संवर्धन के लिए गोरखपुर वन प्रभाग के कैम्पियरगंज (भारीवैसी) में जटायु संरक्षण व संवर्धन केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र के जरिये राजगिद्धों की संख्या बढ़ेगी ही, विलुप्त होती प्रजातियों में शामिल इन जीवों को देखने के लिए सैलानियों की आमद बढ़ने से ईको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
आज गोरखपुर में राज गिद्ध के संरक्षण एवं संवर्धन एवं प्रजनन के लिए एशिया के प्रथम जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज एवं राज्यमंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेन जी एवं राज्यमंत्री श्री केपी मालिक जी के साथ सम्मिलित… pic.twitter.com/z0qhNksShx
— Ravi Kishan (@ravikishann) September 6, 2024
जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र की स्थापना पर कुल 2 करोड़ 80 लाख 54 हजार रुपये की लागत आई है। इसमें ब्रीडिंग एवरी, होल्डिंग एवरी, हॉस्पिटल एवरी, नर्सरी एवरी, वेटनरी सेक्शन, प्रशासनिक भवन, रिकवरी एवरी, गार्डरूम, जेनरेटर रूम, पाथवे का निर्माण किया गया है। इस केंद्र में कुल 8 स्टाफ कार्यरत हैं।
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जटायु संरक्षण केंद्र में कुल 6 राजगिद्धों (नर एवं मादा) को लाया जा चुका है। यहां राजगिद्धों गिद्धों की निगरानी की सीसी कैमरों से की जाएगी। पांच हेक्टेयर जमीन पर बनाए गए इस केंद्र के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और प्रदेश सरकार के बीच में समझौता हुआ है। गोरखपुर वन प्रभाग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार इस जटायु संरक्षण केंद्र से आगामी आठ-दस साल में 40 जोड़े राजगिद्ध छोड़े जाने का लक्ष्य है।