Monday, January 12, 2026
More

    Khelo India University Games के खुमार में डूबी राजधानी, खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

    लखनऊ । राजधानी लखनऊ में आईपीएल की धूम के बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की भी धमक देखने को मिल रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आगाज होने जा रहा है और लोगों में खेल की ऐसी दीवानगी देखने को मिल रही है जैसे मानो कोई उत्सव का आयोजन हो रहा हो।

    दरअसल खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2022 में भाग ले रहे खिलाड़ियों के उत्साहवर्द्धन और इन खेलों के प्रति जनसहभागिता बढ़ाने और खेलों के प्रति जागरूकता लाने के लिए 6 किमी ओपन क्रास कंट्री व मशाल रैली का आयोजन रविवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में किया गया।इस दौरान सड़कों पर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला।

    6 किमी ओपन क्रास कंट्री व मशाल रैली में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने सुबह-सुबह खेल प्रेमी पहुंच गए और हाथ हिलाकर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन किया।ओपन क्रास कंट्री रेस में महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल करने वाली बबली वर्मा का चयन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए भी किया गया है।

    यूपी के बाराबंकी जिले की रहने वाली बबली वर्मा इन खेलों में राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी की टीम से एथलेटिक्स की 3000 मी.स्टीपल चेज की स्पर्धा में प्रतिभाग करेंगी। क्रास कंट्री के पुरुष वर्ग में इस्लाम अली ने पहला स्थान हासिल किया।

    रविवार को रेस की शुरूआत सुबह 7 बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम के मुख्य गेट से हुई जिसे लखनऊ मंडल की मंडलायुक्त डा.रोशन जैकब व लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस के साथ मशाल रैली की शुरूआत भी केडी सिंह बाबू स्टेडियम से हुई, गेम्स की मशाल जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने मंडलायुक्त लखनऊ मंडल डा.रोशन जैकब को सौंपी। मशाल रिले अटल चौराहे तक होते हुए वहां से वापस केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर खत्म हुई। दिग्गज पूर्व खिलाड़ियों ने लगाई दौड़।

    उभरते हुए खिलाड़ियों ने भी लिया संकल्प
    इस दौरान मशाल को जिलाधिकारी गंगवार, मंडलायुक्त डा.रोशन जैकब, अपर जिलाधिकारी विपिन मिश्रा, अपर जिलाधिकारी, आयरन मैन आफ एशिया विजय सिंह चौहान (अर्जुन अवार्डी एथलीट, एशियाई खेल-1974 में डेकाथलॉन में स्वर्ण पदक, ओलंपिक- 1972 में प्रतिभाग, पूर्व खेल निदेशक),  रणवीर सिंह (भारतीय वॉलीबाल टीम के पूर्व कप्तान अर्जुन अवार्डी), रचना गोविल (अर्जुन अवार्डी, अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज, भारतीय खेल प्राधिकरण से सेवानिवृत्त कार्यकारी निदेशक), सैयद अली (हॉकी ओलंपियन), रजनीश मिश्रा (पूर्व अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी) ने मशाल को थामकर दौड़ लगाते हुए अपने खेल जीवन की यादों को एक बार फिर ताजा किया और नये खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत करने की सीख दी।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular