राजस्थान को अंगदान जागरूकता के लिए मिला उत्कृष्टता पुरस्कार

16वें इंडियन ऑर्गन डोनेशन डे पर नई दिल्ली में सम्मानित

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

अंगदान संकल्प अभियान में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) ने राजस्थान को “स्टेट अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन ऑर्गन डोनेशन अवेयरनेस” से सम्मानित किया है।

नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को आयोजित 16वें इंडियन ऑर्गन डोनेशन डे समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राजस्थान की ओर से चिकित्सा शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता, सोटो राजस्थान की संयुक्त निदेशक डॉ. चित्रा सिंह,

आईईसी कंसल्टेंट डॉ. धर्मेश तथा अतिरिक्त निदेशक डॉ. ममता को यह सम्मान प्रदान किया।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को संवेदनशील और जनकेंद्रित बनाने के निरंतर प्रयासों का यह परिणाम है।

उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने वाला सबसे बड़ा मानवीय उपहार है और राज्य सरकार अधिक से अधिक नागरिकों को इस महाअभियान से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में अंगदान के क्षेत्र में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था, प्रभावी समन्वय और जनभागीदारी का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO), चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अंगदान जागरूकता अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंगदान के प्रति जागरूकता को और व्यापक बनाना तथा पारदर्शी एवं सुदृढ़ अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को जीवनदान उपलब्ध कराना है।

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