
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने युवा विधि प्रतिभाओं को पुलिसिंग और आपराधिक न्याय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘राजस्थान पुलिस प्रशिक्षुता योजना’ शुरू की है।
इसके तहत देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में विधि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थी पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, इकाइयों, ब्यूरो और क्षेत्रीय इकाइयों में प्रशिक्षु के रूप में कार्य कर सकेंगे।
इस योजना का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को पुलिस कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के साथ प्रभावी पुलिसिंग, आपराधिक न्याय प्रणाली, साइबर कानून, फोरेंसिक विज्ञान और अन्य विधिक विषयों में शोध एवं विश्लेषण का अवसर देना है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बिपिन कुमार पाण्डेय के अनुसार चयनित प्रशिक्षु अपराध शाखा, राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी), विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (एसओजी), यातायात, साइबर अपराध, विधि शाखा, आधुनिकीकरण सहित अन्य इकाइयों में कानूनी शोध, डेटा विश्लेषण, नीति विश्लेषण, डेटा संग्रह और रिपोर्ट लेखन जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे। प्रशिक्षुता पूरी तरह अवैतनिक होगी।
कौन कर सकता है आवेदन
योजना के तहत आवेदन के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड आवश्यक है। तीन वर्षीय एलएलबी के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थी तथा पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी पात्र होंगे। संबंधित पाठ्यक्रम के पिछले सभी सेमेस्टरों में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है।
एलएलएम के विद्यार्थी और कानून में पीएचडी कर रहे शोधार्थी भी आवेदन कर सकते हैं। एलएलएम के प्रथम वर्ष की द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों के लिए भी आवेदन का प्रावधान है। वहीं, हाल ही में विधि स्नातक करने वाले तथा बार काउंसिल में नामांकन या उच्च अध्ययन की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा।
45 दिन से तीन महीने तक प्रशिक्षण
प्रशिक्षुता की न्यूनतम अवधि 45 दिन और अधिकतम तीन महीने होगी। कार्य अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पूरी अवधि में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। चयनित प्रशिक्षुओं को अपना लैपटॉप स्वयं लाना होगा, जबकि पुलिस मुख्यालय की ओर से कार्यस्थल, इंटरनेट सुविधा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
पूरे वर्ष खुली रहेगी आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे वर्ष खुली रहेगी। इच्छुक अभ्यर्थी राजकॉप सिटीजन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन दिसंबर, मार्च, जून और सितंबर में क्रमशः जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर से शुरू होने वाले बैच के लिए किए जा सकेंगे। योजना की विस्तृत जानकारी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के नागरिक सेवाओं वाले भाग में उपलब्ध है।
सफल प्रशिक्षुओं को मिलेगा प्रमाण पत्र
प्रशिक्षुता निर्धारित अवधि और नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक पूरी करने तथा संबंधित विंग प्रमुख को संक्षिप्त रिपोर्ट या शोध पत्र प्रस्तुत करने के बाद राजस्थान पुलिस की प्रशिक्षण शाखा की ओर से आधिकारिक अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। पुलिस के अनुसार यह प्रमाण पत्र युवाओं के विधिक एवं न्यायिक करियर में महत्वपूर्ण अनुभव और उपलब्धि के रूप में उपयोगी साबित होगा।




