सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले प्रिन्सिपल सहित 11 गिरफ्तार

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी प्रयागराज में आयोजित वार्षिक/अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा

लखनऊ । राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी प्रयागराज में परीक्षार्थियों से पैसे लेकर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले संस्थान के प्रिन्सिपल सहित 11 लोगो को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी, प्रयागराज में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में परीक्षार्थियों से पैसे लेकर मूल परीक्षार्थी के स्थान पर सॉल्वर बैठाकर सामूहिक नकल कराने की सूचना पर निरीक्षकअनिल कुमार सिंह, उ०नि० रणेन्द्र कुमार सिंह,विनय तिवारी, गुलजार सिंह, मुख्य आरक्षीगण सुनील कुमार, प्रभन्जन पाण्डेय, रोहित सिंह, उदय प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार जायसवाल, पुनीत कुमार पाण्डेय,
सन्तोष कुमार, किशन चन्द्र, आरक्षी अजीत कुमार राय, मुख्य आरक्षी कमाण्डो अरविन्द कुमार, मुख्य आरक्षी चालक राम लखन पाल व आरक्षी चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय के साथ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी के परिसर में स्थित कौशल विकास बिल्डिंग से  सॉल्वर गैंग के सक्रिय सदस्य शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेन्द्र पटेल, दिलीप कुमार पटेल तथा संस्थान के प्रिन्सिपल अशोक कुमार, परीक्षा प्रभारी रवि प्रकाश, अनुदेशक फूल प्रकाश, अनुदेशक धीरज कुमार शर्मा, अनुदेशक राजेश कुमार तथा अनुदेशक राजकुमार मौर्या को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूँछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त रवि प्रकाश ने बताया कि वह राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी में कार्यदेशक के पद पर कार्यरत है। आईटीआई संस्थान में अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के सैद्धान्तिक विषय की परीक्षा तीन पॉलियों में सम्पादित कराये जाने हेतु प्रधानाचार्य अशोक कुमार द्वारा उसे परीक्षा प्रभारी नियुक्त किया गया है।
अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में जो परीक्षार्थी पढ़ने लिखने में कमजोर रहते है उनसे पैसा लेकर उनके स्थान पर अलग रूम में सॉल्वर बैठाकर परीक्षा करायी जाती है। इस काम को धीरन्जन कुमार जो पूर्व में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी में अनुदेशक के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान समय में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांदा में नियुक्त है।
उनके द्वारा मोबाइल से अनुदेशक फूल प्रकाश से जो राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नैनी प्रयागराज में कार्यरत है तथा परीक्षा के दौरान सेन्टर में लगे कम्प्यूटर की देखरेख एवं परीक्षा कराने के कार्य में लगे हुए है जिनसे धीरन्जन द्वारा सम्पर्क कर प्रत्येक परीक्षार्थी से 4000 रूपये तय कर सॉल्वर भेजे जाते है।
पैसा फूल प्रकाश अनुदेशक तथा संस्थान में कार्यरत एवं परीक्षा में लगे अनुदेशक राजकुमार मौर्या द्वारा पूरा पैसा परीक्षार्थियों से परीक्षा के दौरान संकलित कर रखा जाता है जिसे परीक्षा समाप्त होने के बाद धीरन्जन कुमार, फूल प्रकाश, राजकुमार मौर्या, धीरज, राजेश, भोलानाथ तथा प्रिन्सिपल अशोक कुमार द्वारा आपस में बॉट लिया जाता है तथा कुछ पैसा राजकीय प्रशिक्षण संस्थान के उच्चाधिकारियों को भी अनुदेशक धीरन्जन द्वारा पहुँचाया जाता है।
गिरफ्तार अभियुक्त धीरज कुमार शर्मा ने पूँछताछ पर बताया कि उसके द्वारा डाटा फीडिंग व परीक्षार्थियों के सीटिंग प्लान को तैयार किया जाता है तथा सामूहिक नकल कराने व परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर को बैठाने आदि कार्यों के सम्बन्ध में वह हमेशा धीरन्जन जी से उनके मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से सम्पर्क में रहता है। परीक्षा समाप्त होने के बाद पैसों का बंटवारा सभी सम्बन्धित को उनका हिस्सा दे दिया जाता है तथा उसका हिस्सा उसे मिल जाता है।
Back to top button