
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। राजस्थान पुलिस का ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ एवं सामुदायिक पुलिसिंग अभियान प्रदेशभर में जनविश्वास मजबूत करने की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रहा है।

इसी क्रम में अजमेर में वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद स्थापित किया गया, जबकि जयपुर के ज्योति नगर थाना क्षेत्र की कच्ची बस्तियों में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अजमेर में पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन के निर्देशन में संचालित ‘वरिष्ठ जन संबल कार्यक्रम’ के तहत पुलिस अधिकारियों ने अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्ग दंपत्तियों के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना, समस्याएं सुनीं और हरसंभव पुलिस सहायता का भरोसा दिलाया।
इस दौरान साइबर अपराधों से बचाव, आपातकालीन हेल्पलाइन 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और महिला हेल्पलाइन 1090 की जानकारी भी दी गई। पुलिस की इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई।
वहीं जयपुर के ज्योति नगर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) जिज्ञासा पूनिया और थानाधिकारी गुंजन सोनी के नेतृत्व में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला एवं बाल अधिकारों और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या साइबर ठगी की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
राजस्थान पुलिस ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों तक पहुंचकर सुरक्षा, विश्वास और पुलिस के प्रति अपनत्व की भावना को मजबूत करना भी है। पुलिस की इस मानवीय पहल की वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने सराहना करते हुए इसे समाज और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।





