
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने कौशल विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री स्किलिंग फॉर एम्प्लॉयमेंट ट्रांसफॉर्मेशन अपलिफ्टमेंट (PM SETU) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान उत्तर भारत का पहला और देश का पाँचवाँ राज्य बन गया है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में भिवाड़ी क्लस्टर के लिए एम/एस एच.जी. इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई उन्नयन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय स्टीयरिंग कमेटी को भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलने के बाद चयनित कंपनी के साथ आवश्यक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद भिवाड़ी क्लस्टर के अंतर्गत चयनित राजकीय आईटीआई में उद्योगों की भागीदारी से आधुनिक आधारभूत ढांचे का विकास, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का क्षमता विकास तथा युवाओं के लिए बेहतर रोजगार अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
प्रदेश में योजना के तहत भिवाड़ी, जयपुर, जोधपुर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, बीकानेर और कोटा सहित आठ क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
गौरतलब है कि कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई पीएम सेतु योजना का उद्देश्य देशभर के राजकीय आईटीआई को आधुनिक बनाकर उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल पर देश की एक हजार आईटीआई के उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है। योजना का कुल परिव्यय 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योगों की 17 प्रतिशत भागीदारी निर्धारित की गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से आईटीआई को उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित कर युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।





