
रामनाथ रावत
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही और उदासीनता को उजागर करने वाली एक बेहद अनोखी तस्वीर सामने आई है।
तंबौर नगर क्षेत्र के अहमदाबाद पूर्वी वार्ड में लंबे समय से जर्जर सड़क और भयंकर जलभराव की मार झेल रहे स्थानीय नागरिकों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब नगर पंचायत प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, तो वार्ड वासियों ने विरोध का एक ऐसा प्रतीकात्मक तरीका अपनाया जिसने पूरे सिस्टम को आईना दिखा दिया है।

ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच जमा घुटने भर पानी और कीचड़ के बीच धान की रोपाई कर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, आदर्श नगर पंचायत तंबौर के अहमदाबाद पूर्वी वार्ड की मुख्य सड़क पिछले काफी समय से पूरी तरह बदहाल और जर्जर हो चुकी थी।
मानसून की बारिश ने स्थिति को और अधिक नारकीय बना दिया है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी सड़क ने अब एक गहरे तालाब का रूप ले लिया है। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर, राह चलते राहगीर और स्कूली बच्चे आए दिन कीचड़ और गहरे पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोगों का अपने घरों से पैदल बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। प्रदर्शन में शामिल आक्रोशित नागरिकों ने बताया कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत प्रशासन को लिखित शिकायत दे चुके हैं। सड़क निर्माण और जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के दफ्तरों के दर्जनों चक्कर काटे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
प्रशासन के इसी अड़ियल और उदासीन रवैये से तंग आकर आखिरकार वार्ड वासियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए शनिवार को भारी संख्या में वार्ड वासी जलभराव वाली सड़क पर जमा हुए और पानी के बीच जाकर धान के पौधों की रोपाई शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “जब नगर पंचायत प्रशासन इस सड़क को इंसानों के चलने लायक नहीं बना सकता, तो कम से कम यह जगह धान की खेती करने के काम ही आ जाए।” बीच सड़क पर धान लगाने के इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते यह वीडियो और तस्वीरें पूरे क्षेत्र में भारी चर्चा का विषय बन गईं।
जनता के इस बेहद तीखे, अनोखे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी स्थानीय प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। समाचार लिखे जाने तक नगर पंचायत तंबौर प्रशासन या किसी भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से इस समस्या के समाधान या राहत को लेकर कोई आधिकारिक बयान या आश्वासन सामने नहीं आया है। स्थानीय जनता अब भी जलभराव के बीच रहने को मजबूर है और जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।





