
रेटिंग: 4/5
ये फितूर तेरा का पहला एपिसोड चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाता है। बिना किसी बड़े ट्विस्ट या ज़बरदस्ती के ड्रामे के, शो आराम से अपनी कहानी और किरदारों से आपका परिचय कराता है। यही बात इसकी शुरुआत को खास बनाती है।
कहानी के केंद्र में है सौम्या, एक छोटे शहर की मासूम लड़की, जो पहली बार बड़े शहर और को-एड कॉलेज की दुनिया में कदम रखती है। नया माहौल, नए लोग और खुद को इस दुनिया में फिट करने की कोशिश… उसका डर, झिझक और उत्साह हर पल में साफ महसूस होता है। देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने इस किरदार को बेहद सहज और ईमानदारी से निभाया है। अगर आपने भी कभी अपना शहर छोड़कर नई जगह पर नई शुरुआत की है, तो सौम्या का सफर आपको अपना सा लगेगा।
वहीं जीत की एंट्री पूरी तरह अलग अंदाज़ में होती है। इशान धवन अपने स्वैग, आत्मविश्वास और बेफिक्र अंदाज़ से पहली ही झलक में ध्यान खींच लेते हैं। जहां सौम्या हर कदम फूंक-फूंक कर रखती है, वहीं जीत हर स्थिति को पूरे कॉन्फिडेंस के साथ हैंडल करता है। दोनों की यही अलग-अलग पर्सनैलिटी उनकी कहानी को दिलचस्प बनाती है।
हालांकि पहले एपिसोड में रोमांस अभी बस शुरू ही हुआ है, लेकिन इशान और देबचंद्रिमा की केमिस्ट्री शुरुआत से ही असर छोड़ती है। उनकी बातचीत, छोटी-छोटी नज़रें मिलना और एक-दूसरे को समझने की शुरुआत इतनी सहज लगती है कि आप खुद-ब-खुद इस जोड़ी के लिए चीयर करने लगते हैं।
शो का कॉलेज बैकड्रॉप इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। कैंपस लाइफ, नई दोस्तियां, क्लासरूम की हलचल और पहली मोहब्बत का एहसास आपको अपने कॉलेज के दिनों की याद दिला देता है। हाल ही में रिलीज़ हुआ गाना ‘फील बनाते हैं’ भी शो की इस यंग और फ्रेश दुनिया में पूरी तरह फिट बैठता है। इसकी धुन और वाइब्स कहानी को और भी एनर्जेटिक और Gen Z अपील देते हैं।
कुल मिलाकर, ये फितूर तेरा की शुरुआत दिल को छू लेने वाली है। यह एक ऐसी कहानी लगती है जो धीरे-धीरे आपके दिल में जगह बना लेगी। जीत और सौम्या की जोड़ी में दम है, और अगर आने वाले एपिसोड्स में उनकी केमिस्ट्री इसी तरह निखरती रही, तो यह टेलीविजन की सबसे पसंदीदा यंग ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक बन सकती है।





