
रामनाथ रावत
सीतापुर। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और जब इसे सही मंच मिलता है, तो सफलता का इतिहास लिख जाता है। उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के कस्बे खैराबाद के एक साधारण शिक्षक परिवार के बेटे ने अपनी इसी असाधारण प्रतिभा के दम पर भारतीय फिल्म जगत (बॉलीवुड) में सफलता का परचम लहराया है।
खैराबाद के मूल निवासी शोभित श्रीवास्तव, जो अब फिल्मी दुनिया में शोभिनव सत्या के नाम से अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं, इन दिनों बड़े पर्दे पर धूम मचा रहे हैं। सीतापुर के टॉकीज में प्रदर्शित हो रही दो करोड़ रुपये के बजट की फिल्म हनुमान अंश में बाबा नीम करौरी के मुख्य किरदार में उनके जीवंत और उत्कृष्ट अभिनय की चौतरफा सराहना हो रही है ।
शिक्षक परिवार
शोभित का जन्म और पालन-पोषण एक सम्मानित शिक्षक परिवार में हुआ। उनके पिता सत्येंद्र श्रीवास्तव लखनऊ में शिक्षा विभाग में कार्यरत रहे हैं, जबकि उनकी माता लक्ष्मी श्रीवास्तव ने खैराबाद के प्रतिष्ठित पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल कॉलेज में शिक्षिका के पद पर अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में इनका पूरा परिवार लखनऊ में निवास कर रहा है। शोभित ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, खैराबाद से पाई और वर्ष 2003 तक पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल विद्यालय में अध्ययन किया।
असिस्टेंट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट कंटिन्यूटी टीम के सदस्य के रूप
फिल्मी दुनिया में कदम रखने के लिए शोभित ने देश के प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे से अभिनय का कड़ा प्रशिक्षण लिया। मुख्य अभिनेता बनने से पहले उन्होंने ‘सीआईडी’ और ‘रागिनी एमएमएस रिटर्न्स’ जैसे चर्चित और बड़े प्रोजेक्ट्स में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट कंटिन्यूटी टीम के सदस्य के रूप में काम कर अपनी बारीकियों को निखारा। फिल्म हनुमान अंश में उन्हें मुख्य भूमिका मिलने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प और किसी फिल्मी कहानी जैसा है।
दरअसल, शोभित इस फिल्म में सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर पर्दे के पीछे काम कर रहे थे। शूटिंग के दौरान अचानक फिल्म के मुख्य अभिनेता बिमार हो गए। ऐसे में फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर शोभित की प्रतिभा पर पड़ी। उन्होंने शोभित का करीब पांच घंटे लंबा और कड़ा स्क्रीन टेस्ट लिया।
बाबा नीम करौरी
टेस्ट में शत-प्रतिशत खरा उतरने के बाद निर्देशक ने शोभित को बाबा नीम करौरी के पावन चरित्र को साकार करने के लिए चुन लिया। बाबा नीम करौरी के अलौकिक जीवन, उनकी अनन्य हनुमान भक्ति और निष्काम सेवा भाव पर आधारित इस फिल्म में शोभिनव सत्या (शोभित) ने अपने अभिनय से जान फूंक दी है।
टॉकीज में फिल्म देखने पहुंच रहे दर्शक उनके अभिनय और हाव-भाव की जमकर तारीफ कर रहे हैं। खैराबाद जैसे छोटे कस्बे से निकलकर बॉलीवुड की मुख्य स्क्रीन तक पहुंचने की शोभित की इस उपलब्धि से पूरे सीतापुर जिले और उनके गृह जनपद के लोगों में हर्ष और गौरव का माहौल है।





