फोन में सेव डेटा बन सकता है साइबर ठगी का बड़ा कारण

राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। स्मार्टफोन में बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, निजी दस्तावेज और अन्य संवेदनशील डेटा सेव रखना साइबर अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकता है।

इसे लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने बताया कि आज स्मार्टफोन केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, डिजिटल लॉकर और व्यक्तिगत जानकारी का केंद्र बन चुका है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी पहचान चोरी, आर्थिक नुकसान और साइबर ठगी का कारण बन सकती है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों ने साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ाई है। एक मामले में कर्मचारी के ई-मेल से करीब एक टीबी डेटा डार्क वेब पर लीक होने की घटना सामने आई।

वहीं, विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार 61 प्रतिशत लोग अपने निजी दस्तावेज, 60 प्रतिशत फोटो-वीडियो, 38 प्रतिशत बैंकिंग जानकारी, 48 प्रतिशत ऑफिस ई-मेल, 37 प्रतिशत एआई चैट हिस्ट्री और 34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड मोबाइल फोन में ही सेव रखते हैं।

एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि भारत में प्रतिदिन 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले होते हैं। ऐसे में मोबाइल फोन में सुरक्षित रखी गई संवेदनशील जानकारी अपराधियों के हाथ लगने पर फर्जी सिम, बैंक खाते, लोन, वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और कॉरपोरेट जासूसी जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग या संवेदनशील कार्य करने से बचें। फोन में स्क्रीन लॉक और स्टोरेज एन्क्रिप्शन सक्रिय रखें, ऐप्स को केवल आवश्यक परमिशन दें, बैंकिंग ऐप्स एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सिक्योर या हिडेन फोल्डर में रखें तथा क्लाउड बैकअप को मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित करें।

इसके अलावा ऐप्स केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करने और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

राजस्थान पुलिस ने कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि का सामना करना पड़े तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में संपर्क करें। शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

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