
रामनाथ रावत
सीतापुर।आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विकासखंड सिधौली में “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।
इस दौरान पूरा ब्लॉक परिसर राष्ट्रभक्ति, साहित्य और देशप्रेम की भावनाओं से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम में आमंत्रित कवियों और कवयित्रियों ने अपनी राष्ट्र को समर्पित रचनाओं से उपस्थित जनसमूह को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
“हर घर तिरंगा” अभियान
कार्यक्रम का शुभ आरंभ मुख्य अतिथि और ब्लॉक प्रमुख रामबक्श रावत ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन में “हर घर तिरंगा” अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला और क्षेत्रवासियों से अपने-अपने घरों पर गौरव के साथ तिरंगा फहराने की अपील की।
काव्य संध्या में डॉ. देवेन्द्र कश्यप ‘निडर’ ने तिरंगे की महिमा गाते हुए पढ़ा— “गंगा-जमुना जैसी निर्मल, अपनी है पहचान तिरंगा। हिमगिरि जैसा अटल-अडिग है, भारत का अभिमान तिरंगा। गाॅंव-गाॅंव में, शहर-शहर में, खुशियों का अरमान तिरंगा। भारत माॅं के माथे की है, सबसे सुंदर शान तिरंगा।
कवयित्री पिंकी अरविंद प्रजापति ने देश की एकता को रेखांकित करते हुए पढ़ा— “जब ये धरा जय जयति हुंकारे। गूंजे हैं नभ तक तिरंगे के नारे। रंग भरा है सभी की कलम से, तस्वीर भारत की सबने सजाई। घर-घर तिरंगा लहर लहराई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि केदारनाथ शुक्ल ने शहीद परिवारों के दर्द को बयां करते हुए पढ़ा— “पलंग बनाया किसने था और कौन आज है लेटा। तुझको मिले मिठाई कैसे तू शहीद का बेटा।
कार्यक्रम संचालन कर रही कवयित्री नीतू वर्मा ने मां की ममता पर प्रकाश डालते हुए भावुक पंक्तियां पढ़ीं— “तेरी ममता जहां में एक कुदरत का ही तोहफा है, न हो साया तेरा सिर पे तो जीवन व्यर्थ लगता है। तेरे बिन जिंदगी बेरंग सी लगने लगी मुझको, तेरी ही गोद में सपना मेरा साकार होता है।
कार्यक्रम के अंत में ब्लॉक प्रमुख रामबख्श रावत ने काव्य संध्या में आए सभी रचनाकारों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ब्लॉक कर्मचारी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।





