
रामनाथ रावत
सीतापुर। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की स्थापना के गौरवशाली 62 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बिसवां के एक निजी स्थान पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस गौरवमयी उत्सव में संगठन की मजबूती, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी के संस्कार निर्माण पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ प्रचारक एवं क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर सर्वशक्तिमान और सर्वविद्यमान है, लेकिन कलयुग में संगठन की शक्ति ही ईश्वरीय शक्ति के रूप में सबसे प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि विहिप की स्थापना सभी मत, पंथ और संप्रदायों के पूज्य संतों के आशीर्वाद से हुई है।
उन्होंने संगठन के मूल ध्येय पर प्रकाश डालते हुए कहा, जाति-पाति, ऊंच-नीच और हर प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर एक संगठित और अजेय हिन्दू शक्ति खड़ी करना ही विश्व हिन्दू परिषद का मूल लक्ष्य है। जीवन मूल्यों पर आधारित समाज की रचना से ही देश को परम वैभव पर ले जाया जा सकता है। क्षेत्र संगठन मंत्री ने परिवारों में प्रेम, सौहार्द और संस्कारों के विकास के लिए कुटुंब प्रबोधन को बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि आज कई भारत विरोधी शक्तियां देश की भावी पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने की साजिश रच रही हैं।
युवाओं को बचाना बेहद जरूरी
पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव, अश्लीलता और नशे जैसे दुर्गुणों से भारत के युवाओं को बचाना बेहद जरूरी है। देश के युवाओं को नशामुक्त, जागरूक और राष्ट्रप्रेमी बनाना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने याद दिलाया कि विहिप अपने स्थापना काल से ही गौ-गंगा, मठ-मंदिर, अर्चक-पुरोहित और धर्म जागरण जैसे सनातन मान बिंदुओं की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप के जिलाध्यक्ष श्याम किशोर वर्मा ने की, जबकि मंच का सफल संचालन जिला मंत्री शिवम द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक सुरेंद्र जी, प्रांत सहसंयोजक कृतार्थ मिश्र, प्रांत गोरक्षा विभाग के कोषाध्यक्ष बच्चे प्रसाद, विभाग संगठन मंत्री इंद्रेश जी, जिला संगठन मंत्री सुधाकर जी और जिला कार्याध्यक्ष महेश मौर्य सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, विहिप के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





