व्यापार में आने वाली चुनौतियों को लेकर महिलाओं ने बुलंद की आवाज

महिला व्यापारियों ने व्यापार में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर की चर्चा

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के तत्वाधान में व्यापार के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से  व्यापार में आ रही चुनौतियों समाधान एवं संभावनाएं” विषयक “संगोष्ठी” हिरल गेस्ट हाउस ,अयोध्या रोड पर आयोजित हुई। संगोष्ठी में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।संगोष्ठी में राजधानी की महिला व्यापारियों ने अपने व्यापार में आ रही  चुनौतियां एवं संभावना के संदर्भ में खुलकर चर्चा की।

महिला व्यापारियों को करना पड़ता है कई समस्याओ का सामना

संगोष्ठी में कुमारी दीक्षा सक्सेना ने कहा की समाज में महिलाओं को अभी भी अंडरस्टीमेट करते हैं, उनकी क्षमताओं पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगाते हैं। उन्होंने कहा की परिवार में पुरुष सदस्य देर रात तक आते हैं, तो उन्हें कोई नहीं टोकता नहीं , वही महिला सदस्य यदि रात में देर से आती है तो उसको सैकड़ों सवालों का सामना करना पड़ता है।

परिवार से भरपूर सहयोग नहीं मिलता

कुमारी शिखा मिश्रा ने बोलते हुए कहा की व्यापार के क्षेत्र में उत्पादों का आर्डर देने में पुरुषों की अपेक्षा महिला व्यापारियों पर ग्राहक कम विश्वास करते हैं, तथा बड़ा ऑर्डर देने में हिचकते  हैं पेमेंट मिलने में भी मुश्किलें आती हैं।  रीमा अग्रवाल ने कहा सरकार सहयोग करें या ना करें लेकिन परिवार सहयोग करें बेटा, बहू और बेटी में भेद ना करें सभी को समान अवसर मिले तो महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं। मनोरमा मिश्रा ने कहा पारिवारिक दायित्व के निर्वहन के साथ-साथ व्यापार करने में अनेक कठिनाइयां होती हैं फिर भी परिवार से भरपूर सहयोग नहीं मिलता। पुनीता भटनागर ने कहा समाज की स्त्री पुरुष की होड़ का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए सभी को समान अवसर मिलने चाहिए।

आत्मविश्वास होना जरुरी

प्रीति गुप्ता ने बाजारों में महिला टॉयलेट ना होने कारण आने वाली समस्या के संबंध में बोला। संगोष्ठी में सुनीता राय ने बोलते हुए कहा लोग महिला व्यापारियों से बड़ी डील करने में घबराते हैं, जिसके कारण व्यापार में बाधा आती है। मीनू सक्सेना बोलते हुए कहा महिलाओं के लिए सबसे बड़ा आवश्यकता है उसका आत्मविश्वास है यदि आत्मविश्वास मजबूत रखेंगे तो कुछ भी कर सकती हैं। वार्तिका शुक्ला ने कहा महिला व्यापारियों को उनको अपने दम पर बैंकों से ऋण नहीं मिलता। बैंक पति अथवा परिवार के किसी अन्य सदस्य को शामिल किए बिना स्वतंत्र रूप से लोन नहीं देते हैं, जिसकी वजह से महिला व्यापारियों को काफी दिक्कतें आती हैं।
महिला सदस्यों को पुरुष की बराबर मिले सम्मान
नगर अध्यक्ष अनिला अग्रवाल ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा अभी भी समाज में काफी लोगों की सोच महिलाओं को केवल किचन तक सीमित रखने की है इस सोच से बाहर निकलना होगा परिवार में जो सम्मान पुरुष सदस्यों को मिलता है। वही सम्मान महिला सदस्यों को भी मिलना चाहिए। मुख्य अतिथि संजय गुप्ता ने कहा की जिस प्रकार से हम अपने परिवार की बच्चियों को डॉक्टर, इंजीनियर, एयर होस्टेस ,कोरियोग्राफर अन्य क्षेत्र में कैरियर बनाने को कहते हैं उसी प्रकार से हमें अपने घर की लड़कियों एवं महिलाओं को व्यापार के क्षेत्र का भी विकल्प चुनने को प्रोत्साहित करना चाहिए

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com

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