“दबदबा है और दबदबा रहेगा…”श्रीराम कथा के मंच से गरजे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह

सिधौली स्थित श्री गांधी पड़ाव मैदान में भाजपा विधायक मनीष रावत

रामनाथ रावत

सीतापुर। सिधौली स्थित श्री गांधी पड़ाव मैदान में भाजपा विधायक मनीष रावत द्वारा आयोजित भव्य सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज के भजनों और सजीव वर्णन से पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। कथा के चौथे दिन व्यासपीठ से आचार्य शांतनु जी महाराज ने अयोध्या कांड की पावन मांगलिक चौपाइयों के गायन के साथ सत्र का शुभारंभ किया।

इस दौरान उन्होंने शिवधनुष भंग, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और श्रीराम-सीता विवाह के प्रसंगों का ऐसा जीवंत और मार्मिक वर्णन किया कि पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गया।
कथाव्यास ने बताया कि किस तरह शिवधनुष भंग होने के बाद भगवान परशुराम क्रोधित होकर जनकपुर पहुंचे, जहां लक्ष्मण जी के साथ उनका अद्भुत संवाद हुआ। इसके बाद जनकपुरी में चारों भाइयों—प्रभु श्रीराम व माता सीता, भरत व मांडवी, लक्ष्मण व उर्मिला, और शत्रुघ्न व श्रुतकीर्ति—के पावन विवाह का प्रसंग सुनाया गया।

विवाह उत्सव के इस प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल आनंद, सोहर और जयकारों से गूंज उठा।
श्री राम कथा के चौथे दिन सूबे के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनका हेलीकॉप्टर स्थानीय अमरनाथ इंटर कॉलेज के मैदान पर उतरा, जहां क्षेत्रीय विधायक मनीष रावत समेत भारी संख्या में समर्थकों ने उनका भव्य अभिवादन और स्वागत किया।

कथा पंडाल में पहुंचने पर मुख्य अतिथि बृजभूषण शरण सिंह का फूल-मालाएं पहनाकर और प्रतीक चिह्न के रूप में गदा भेंट कर जोरदार नागरिक अभिनंदन किया गया।

इस दौरान उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में हुंकार भरते हुए कहा, “दबदबा है और दबदबा रहेगा,” जिसके बाद पूरा पंडाल जयकारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
उपस्थित जनसमूह और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद ने बच्चों की परवरिश और संस्कारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कारी भी बनाएं। संस्कारित युवा ही परिवार, समाज और देश को सही दिशा दे सकते हैं।

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