
रामनाथ रावत
सीतापुर।जनपद के थाना सिधौली क्षेत्र से पुलिसिया उत्पीड़न और जबरन दबाव बनाने का एक मामला सामने आया है।
सिधौली के ग्राम बहादुरपुर निवासी सीताराम पुलिस अधीक्षक सीतापुर को प्रार्थना पत्र देकर सिधौली थाने की एक महिला दरोगा और कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित का कहना है कि महिला दरोगा ने दबंगों के साथ मिलकर उसे डराया-धमकाया और जबरन एक कमरे का सुलहनामा लिखवा लिया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, अगस्त माह में सिधौली थाने में तैनात एक महिला दरोगा ने उन्हें थाने बुलाया था। पीड़ित का आरोप है कि थाने परिसर में कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी में महिला दरोगा ने उन्हें मानसिक रूप से डराया-धमकाया।
इसके बाद पुलिसिया रौब और दबाव का इस्तेमाल कर एक सुलहनामे पर उनके जबरन हस्ताक्षर करवा लिए गए। पीड़ित ने बताया कि इस जबरन तैयार किए गए सुलहनामे में एक महिला विपक्षी को मकान का एक कमरा देने की बात लिखवाई गई है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस मकान का कमरा देने का दबाव बनाया गया, वह संपत्ति उनके नाम पर है ही नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों में उनकी पत्नी के नाम दर्ज है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने बिना तथ्यों और मालिकाना हक की जांच किए, विपक्षी दल से मिलीभगत कर उन पर यह अनुचित दबाव बनाया।
एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने विपक्षी लोगों को दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति का बताया है। उन्होंने आशंका जताई है कि विपक्षी लोग भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी (अप्रिय घटना) कर सकते हैं या उन्हें किसी झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं।
पीड़ित ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने संबंधित विपक्षियों को अपनी चल-अचल संपत्ति से कानूनी रूप से पहले ही बेदखल कर दिया है। पीड़ित ने सीतापुर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि विपक्षियों की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मौके की वास्तविक स्थिति को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिल सके।





