
रामनाथ रावत
सीतापुर। रम्पा महल क्षेत्र में हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान और उसके बाद उपजे सियासी ड्रामे ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं की हिरासत पर कोतवाली में हंगामा करने वाले राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ के आरोपों पर हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू ने कड़ा पलटवार किया है।
शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास हिंदू ने मंत्री को उनकी और अपनी चल-अचल संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराने की खुली चुनौती दे डाली। प्रेस वार्ता के दौरान विकास हिंदू ने राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ के बयानों को पूरी तरह आधारहीन और दुर्भावना से प्रेरित बताया। मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से खुद के लिए ‘गुंडा और लफंगा’ शब्द इस्तेमाल किए जाने पर उन्होंने गहरा रोष जताया।
स्वतंत्र कमिटी का गठन
विकास हिंदू ने कहा, “एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी अमर्यादित भाषा शोभा नहीं देती। विकास हिंदू ने मांग की कि शासन स्तर पर एक स्वतंत्र कमिटी का गठन किया जाए, जो उनकी और राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ दोनों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच करे। उन्होंने कहा कि इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और जनता को पता चल जाएगा कि असली माफिया या अवैध संपत्ति का मालिक कौन है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी अवैध अतिक्रमण का समर्थन नहीं करता, लेकिन इसके नाम पर चुनिंदा लोगों को निशाना बनाना और निजी खुन्नस निकालना बिल्कुल गलत है।गौरतलब है कि गुरुवार देर रात रम्पा महल क्षेत्र में प्रशासनिक अमले और नगर पालिका की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
इस दौरान एक मंदिर के सामने बने चबूतरे को ढहाए जाने पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता (पिता-पुत्र) ने इसका कड़ा विरोध किया। अधिकारियों से तीखी बहस के बाद पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भनक लगते ही राज्यमंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे और भारी हंगामा किया।
अधिकारियों से बातचीत के दौरान मंत्री बेहद भावुक हो गए थे और आरोप लगाया था कि, “माफियाओं को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और हमारे कार्यकर्ताओं को सलाखों में डाला जा रहा है।” इसी दौरान मंत्री ने विकास हिंदू का नाम लेते हुए उन पर गंभीर टिप्पणी की थी, जिसके बाद अब यह विवाद पूरी तरह गर्मा गया है।





