आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का हर्षोल्लास से मना चातुर्मास कलश स्थापना समारोह

लखनऊ/बड़ौत। गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी के सुशिष्य चर्या  शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का रविवार को वर्षा योग चातुर्मास कलश स्थापना समारोह बड़ौत में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
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चातुर्मास प्रारंभ को लेकर होने वाले धार्मिक आयोजनों की श्रंखला में नगर के मान स्तंभ परिसर ऋषभ सभागार में सुबह चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन शास्त्र अर्पण मंगल कलश स्थापना कार्यक्रम संपन्न हुआ।
प्रथम ऋषभदेव कलश समाज समिति के मंत्री अतुल जैन के परिवार को व द्वितीय चन्द्रप्रभु कलश धनपाल जैन बंदूक वालों के परिवार को व तृतीय महावीर स्वामी कलश सुनील जैन तेल वालो के परिवार को प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
आचार्य श्री ने अपने संबोधन में भक्तों को चातुर्मास का महत्व बताया। प्रतिष्ठाचार्य के रूप में उत्तर भारत के प्रसिद्ध विद्वान पं०डॉक्टर श्रेयांश जैन के द्वारा समस्त धार्मिक आयोजन संपन्न कराए गए। सभी नगर वासियों और दूर दराज से आए भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। समारोह स्थल पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर निर्मित मंच की शोभा देखते ही बनती थी।
इस से पहले चर्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज का बड़ौत में शनिवार को बड़ौत मे मंगल प्रवेश हुआ था। तदोपरांत गाजे बाजे के साथ पूज्य महाराज जी को पूज्य महाराज जी को हजारों की संख्या में श्रद्धालु शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए अतिथि भवन में लाये थे। यह बडोत के इतिहास में पहला मंगल प्रवेश था। इस अवसर पर अनेक धर्मावलंबी उपस्थित थे।

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com
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