बीसी सखियों ने वित्तीय लेन-देन से कमाए 55 करोड़ से अधिक की धनराशि

विद्युत सखियों ने भी कलेक्शन कर कमाये 11 करोड़ रूपए

लखनऊ। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में लोगों के सामाजिक,आर्थिक व शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने एवं अवसर की समानता का सुअवसर प्रदान करते हुये समूह की महिलाओं (दीदियों) को सशक्त, स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार अग्रसर है।

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इसी कड़ी में प्रदेश में वन जी0पी0-वन  बी सी का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय सेवाओ की उपलब्धता के अंतर्गत एक ग्राम पंचायत-एक बीसी सखी कार्यक्रम में 37642 बीसी सखी द्वारा 20587 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का लेन देन करते हुए 55 करोड़ से अधिक का लाभांश अर्जित किया गया है।

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बी सी सखियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के खाते खुलवाने, उनका उनके गांव व घर पर जाकर भुगतान कराने, विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं में आने वाली धनराशि को आहरित करने, मनरेगा श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान उनके दरवाजे पर या कार्यस्थल पर जाकर करने जैसे, कार्य ग्रामीणों की  वित्तीय लेन-देन सुविधा के दृष्टिगत किये जा रहे हैं।

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इसी तरह उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के साथ कन्वर्जेन्स के माध्यम से 10242 विद्युत् सखियों द्वारा 716 करोड़ रुपये का बिल कलेक्शन करते हुए 11 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कमीशन के रूप विद्युत सखियों द्वारा प्राप्त किया गया है। समूह की दीदियो द्वारा 2305 उचित दर की दुकानों का कुशल संचालन एवं प्रबन्धन भी किया जा रहा है।

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com
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