आमजन को त्वरित राहत देने के लिए शिकायत निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा

, पेंशन, जीपीएफ और वित्तीय प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। वित्त विभाग की विशिष्ट शासन सचिव (बजट) शिवांगी स्वर्णकार ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क (181) हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र के विभिन्न काउंटर्स का अवलोकन कर कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव्स के कार्यों की सराहना की तथा जन शिकायतों के पंजीकरण की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी ली।

जीपीएफ, उपार्जित अवकाश और पेंशन लाभ से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

निरीक्षण के दौरान विशिष्ट शासन सचिव ने लाइव कॉल्स सुनकर संवाद की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया और प्रतिनिधियों को अधिक संवेदनशीलता के साथ आमजन की समस्याएं सुनते हुए त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वित्त, पेंशन एवं कोषालय विभाग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, उपार्जित अवकाश और पेंशन लाभ से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तकनीकी अथवा प्रशासनिक स्तर पर आने वाली आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर बिलों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिवादियों को उनके न्यायोचित लाभ बिना विलंब प्राप्त हो सकें। साथ ही सब्जेक्ट रिवीजन, लेवल मैपिंग एवं कैटेगरी निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

विशिष्ट शासन सचिव ने निर्देश दिए कि शिकायत के समाधान के बाद परिवादी से फीडबैक अवश्य लिया जाए। यदि किसी मामले में नियमों अथवा बजटीय प्रावधानों के कारण समय लगने की संभावना हो, तो इसकी जानकारी भी विनम्रतापूर्वक शिकायतकर्ता को दी जाए।

इस अवसर पर उन्होंने कई परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाधान के लिए सिस्टम को लगातार मजबूत बनाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में पहुंचकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं।

इस पहल से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य लोक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं संवेदनशील बनाते हुए अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है।

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