
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। प्रतापगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात तस्कर शोयब मंसूरी की करीब 2.50 करोड़ रुपये की अवैध चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर हथुनिया थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ(1) के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, तस्करी से अर्जित काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीजिंग का प्रस्ताव भारत सरकार की अधिकृत कंपीटेंट अथॉरिटी एवं एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (SAFEMA), नई दिल्ली को भेजा गया था, जिसे सक्षम प्राधिकारी ने मंजूरी दे दी।
मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर 2024 को हुई थी, जब चित्तौड़गढ़ के सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 3 किलो 420 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद कर जोधपुर निवासी रोशनलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि बरामद मादक पदार्थ की खेप प्रतापगढ़ के असावता निवासी शोयब मंसूरी से खरीदी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और सूचना तंत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य सप्लायर शोयब मंसूरी को 25 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया।
मां और पत्नी के नाम पर खरीदी थी संपत्ति
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शोयब मंसूरी ने अफीम, डोडाचूरा, एमडीएमए और ब्राउन शुगर की तस्करी से अर्जित धन से करोड़ों रुपये की संपत्तियां बनाई थीं। उसने अपनी मां शेरबानो के नाम पर असावता गांव में करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का आलीशान मकान बनवाया था।
इसके अलावा मां के नाम पर ग्राम रामगढ़ में 1.99 और 0.11 हेक्टेयर कृषि भूमि तथा पत्नी नाजमीन के नाम पर 0.49 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी गई थी। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
संपत्तियों पर लगाए सरकारी बोर्ड
सफेमा, नई दिल्ली द्वारा 11 जून को फ्रीजिंग नोटिस जारी किए जाने के बाद हथुनिया थाना प्रभारी उदयवीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तस्कर के मकान और कृषि भूमि पर संपत्ति फ्रीज होने के सरकारी बोर्ड चस्पा कर दिए।
अब इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने संबंधित राजस्व विभागों को भी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सूचना दे दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शोयब मंसूरी आदतन मादक पदार्थ तस्कर है और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों एवं केंद्रीय जांच एजेंसियों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6 गंभीर मामले दर्ज हैं।





