
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। आपदा प्रबंधन में अब एनसीसी कैडेट्स भी फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राजस्थान पुलिस की ओर से संचालित ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया।
जेएलएन मार्ग स्थित एनसीसी परिसर में आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 57 कैडेट्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर गुरुवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय में समारोह आयोजित कर कैडेट्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
युवा आपदा मित्र योजना एक महत्वपूर्ण पहल
समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय अग्रवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में युवा आपदा मित्र योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट्स आपदा की स्थिति में एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य बचाव दलों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने में सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने लक्ष्यों के अनुरूप स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने आपदा परिस्थितियों में एसडीआरएफ द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की।
प्रशिक्षित युवा शक्ति आपदा के समय राहत कार्यों को गति देने में अहम
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आर्म्ड बटालियन एवं एसडीआरएफ) रूपिंदर सिंह ने बताया कि युवा आपदा मित्र योजना के तहत चरणबद्ध रूप से युवाओं को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा शक्ति आपदा के समय राहत कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को भूकंप, बाढ़, आग, आंधी-तूफान और भवन गिरने जैसी आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक तरीके बताए गए। उन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से लोगों को तलाशने और निकालने, प्राथमिक उपचार, रक्तस्राव रोकने, जलने एवं फ्रैक्चर की स्थिति में तत्काल सहायता, सीपीआर और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा बाढ़ एवं जलभराव में बचाव, अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, ऊंचाई और दुर्गम स्थानों से रस्सी आधारित बचाव तकनीक, भीड़ प्रबंधन, संचार एवं समन्वय तथा मॉक ड्रिल का अभ्यास भी कराया गया।
समापन समारोह में एनसीसी के कर्नल रघुवेंद्र कुमार, कर्नल विनोद कुमार (सेना मेडल), लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर और एसडीआरएफ कमांडेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कैडेट्स ने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए आपदा प्रबंधन और समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।





