लाडो योजना में पात्र बालिकाओं को समयबद्ध लाभ देने के निर्देश

अब तक 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को मिला लाभ

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव ने गुरुवार को शासन सचिवालय में लाडो प्रोत्साहन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर पात्र बालिकाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एसीएस यादव ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की महत्वपूर्ण फ्लैगशिप योजना है। इसलिए किसी भी पात्र बालिका को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये का संकल्प पत्र प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार ने योजना के दायरे का विस्तार करते हुए दो से अधिक संतान की बाध्यता समाप्त कर दी है तथा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को भी योजना का लाभ देना शुरू किया है। 1 अगस्त 2024 से अब तक 6.50 लाख से अधिक बालिकाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 4,531.96 लाख रुपये के विपत्र कोषालय भेजे गए हैं। इनमें से 2,509.48 लाख रुपये के विपत्रों का ईसीएस हो चुका है, जबकि 2,022.48 लाख रुपये के विपत्रों की ईसीएस प्रक्रिया जारी है। अब तक 2,56,808 बालिकाओं को योजना की तीसरी किस्त का लाभ दिया जा चुका है तथा शेष पात्र आवेदनों के भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है।

एसीएस यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए सभी पात्र बालिकाओं तक योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा में पहुंचाया जाए, ताकि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।

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