टेलीग्राम ग्रुप के जरिए 3.81 करोड़ की ऑनलाइन ठगी  के आरोपी को पुलिस ने पकड़ा

रिपोर्ट- सिद्धार्थ जैन

जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर 3 करोड़ 81 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी रक्षक राहुल गजभिये को नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई उप महानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने की।

पुलिस के अनुसार मालवीय नगर निवासी डॉ. प्रेम रतन (45) ने निवेश के विकल्प तलाशते हुए गूगल पर CMC Global CS नाम से फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खोजा। इसके बाद साइबर ठगों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया और टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया। भरोसा जीतने के लिए आधार व पैन कार्ड सहित व्यक्तिगत दस्तावेज लिए गए तथा एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर यूजर आईडी बनाकर निवेश शुरू कराया गया।

शुरुआत में कम राशि निवेश करवाकर उस पर रिटर्न देकर पीड़ित का विश्वास जीता गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये निवेश कराए गए। फर्जी पोर्टल पर निवेश की राशि लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती रही, जबकि यह केवल सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार किया गया काल्पनिक आंकड़ा था।

जब निवेश की कुल राशि 3.81 करोड़ रुपये पहुंच गई और पीड़ित ने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो उसे टेलीग्राम ग्रुप से हटा दिया गया और सभी संपर्क समाप्त कर दिए गए। इसके बाद 5 अक्टूबर 2025 को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।

ठगी की रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम नेटवर्क का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि नागपुर निवासी रक्षक राहुल गजभिये गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनके माध्यम से ठगी की रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के मुख्य सरगनाओं, धन के प्रवाह और देशभर में फैले नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

इस कार्रवाई में थानाधिकारी (उप अधीक्षक पुलिस) गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक राधेश्याम, कांस्टेबल कृष्ण कुमार (तकनीकी विश्लेषण), दिनेश, कृष्ण तथा चालक कांस्टेबल सूबे सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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