देवी के भागवत कथा में श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

लखनऊ। आलमबाग के श्री शीतला माता मंदिर में देवी माता की भागवत कथा शुरू हुई। कथा के पहले दिन पूज्य श्री पंडित विनोद व्यास जी ने बताया कि जब सौभाग्य का उदय होता है तभी भागवत कथा सुनने मिलती है। देवी माता सत्य स्वरूप हैं, चित्त स्वरूप हैं, आनंद स्वरूप हैं, दैहिक, देविक, भौतिक तापों का हरण करने वाली हैं। भागवत कथा में श्रद्धालु भागवत सुनकर भाव विभोर हो गए।

कथाचार्य विनय कृष्ण शास्त्री ने कहा- कृपा न होने पर माता मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देती हैं। कथा के महत्व को बताते हुए पंडित विनोद व्यास जी ने कहा- भागवत कथा सुनने से सब जीवन की व्यथा खत्म होती है। संसार की व्यथा से मुक्ति पाना है तो भागवत कथा को जीवन में अपनाओ, जीवन को सदैव भक्तिमय बनाओ, चारों तरफ आनंद ही आनंद दिखाई देगा।

देवी के भागवत कथा में महिलाएं व बच्चियां बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालु ढोलक की थाप मजीरे के धुन के बीच भक्त अपने आप को रोक नहीं पाए भक्ित में जमकर नाचे। इस भागवत कथा में जय प्रकाश, राम रतन, मयंक, शशिकांत, पिंकू आदि लोग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कथा का आयोजन बाबदीन माैर्य, जय प्रकाश मौर्य व आेम प्रकाश मौर्य ने किया। यह भागवत कथा 6 नवंबर रविवार तक चलेगी।

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com

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