
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर, 19 मई। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को प्रदेशभर के रेंज आईजी, पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा को लेकर अहम निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाएं और पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी लगातार बढ़ाई जाए। साथ ही एक वर्ष से अधिक लंबित प्रकरणों का अगले तीन माह में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
गैंगस्टर्स और संगठित अपराध पर रहेगा फोकस
बैठक में गैंगस्टर्स और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। अपराध से अर्जित संपत्तियों की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा नवीन आपराधिक कानूनों में सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग, ई-सम्मन और ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था की भी समीक्षा हुई।
सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान
सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने भीलवाड़ा और उदयपुर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के लिए सप्ताह में दो दिन विशेष चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया। इंटरसेप्टर और ब्रेथ एनलाइजर के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर रोक लगाने के लिए पुलिस लाइन और कार्यालय परिसरों में विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
साइबर अपराध और 1930 हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग
बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम और अनुसंधान की समीक्षा करते हुए सभी एसपी को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि थानों में आने वाले परिवादियों को ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उन्हें कार्रवाई की नियमित जानकारी मिल सके।
महिला सुरक्षा और पुलिस सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में महिला सुरक्षा गतिविधियों, एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली, अभय कमांड सेंटर से जुड़े कैमरों की स्थिति, निजी कैमरों के एकीकरण और पुलिस थानों में महिला कर्मियों के लिए सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। पुलिस लाइन परिसरों में सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन पर भी चर्चा हुई।
बैठक में डीजी (ट्रैफिक एवं ट्रेनिंग) अनिल पालीवाल, डीजी (एसओजी) आनंद श्रीवास्तव, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी.के. सिंह सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




