भू-जल स्तर बढाने के लिए मंडलीय अधिकारियों को दिये निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में सर्किट हाउस आगरा में विभागीय मंडलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वप्रथम मंत्री ने जनपदवार कृषि योग्य भूमि तथा सिंचित भूमि के बारे में जानकारी प्राप्त की, जिस पर जनपद फिरोजाबाद के विभागीय अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1 लाख 80 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य तथा सिंचित भूमि है, जिसमे विभाग के 334 राजकीय ट्यूबेल द्वारा कुल 17800 हेक्टेयर तथा बाकी 20 हजार निजी नलकूपों तथा नहरों द्वारा सिंचाई की जा रही है। आगरा के विभागीय अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 02 लाख 08 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमे 281 राजकीय नलकूपों से 10 हजार 90 हेक्टेयर तथा शेष भूमि निजी नलकूपों एवं नहरों द्वारा सिंचाई की जाती है।

उक्त के पश्चात् जनपद मथुरा के विभागीय अधिकारी ने बताया कि मथुरा में 1 लाख 21 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है तथा जनपद में कुल 675 कि0मी0 की नहर है, नहर द्वारा सिंचाई की जाती है और शेष भूमि निजी नलकूप तथा चैक डैम से सिंचाई की जाती है। अंत में मैनपुरी के  विभागीय अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1 लाख 84 हजार 138 हेक्टेयर  कृषि योग्य भूमि है, जिसमें 1 लाख 82 हजार हेक्टेयर सिंचित भूमि है, उक्त भूमि को 539 राजकीय नलकूपों द्वारा 27 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है तथा शेष भाग निजी नलकूपों द्वारा सिंचाई किया जाता है।

जलशक्ति मंत्री ने छोटे-छोटे चेक डैम, नहरें तथा शासकीय भवनों, विद्यालयों एवं निजी विद्यालयों तथा निजी भवनों में रैनवॉटर हारर्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने हेतु मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने बरसात का पानी एकत्रित कर सिंचाई उपयोग में लाने को निर्देशित किया। झीलों, नहरों तथा तालबों पर किए गए कब्जों को तत्काल कब्जा मुक्त कराकर हर टेल तक पानी पहुंचाये जाने हेतु निर्देशित भी किया। उन्होंने कहा ने कहा कि सरकार की हर घर जल, हर टेल पर पानी पहुंचाने की प्राथमिकता है। उन्होंने 2027 तक भूजल स्तर बढ़ाने के लिये मंडलीय अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए।

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com

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