
रामनाथ रावत
सीतापुर। यूपी के सीतापुर और हरदोई जिले की सीमा पर स्थित हथियाघाट में मंगलवार सुबह नदी में एक युवक का संदिग्ध शव मिलने से हड़कंप मच गया।
शव मिलने की सूचना पर दोनों जिलों की पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन करीब 4 घंटे तक सीमा विवाद को लेकर ड्रामा चलता रहा। आखिरकार राजस्व टीम की पैमाइश के बाद शव को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका
।मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हथियाघाट पर नदी में एक युवक का शव देखा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर सीतापुर और हरदोई के बेनीगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को नदी से निकालकर कार्रवाई शुरू करने के बजाय, दोनों थानों की पुलिस इस बात पर उलझ गई कि घटनास्थल किस जिले की सीमा में आता है।
मामला बढ़ता देख मौके पर नायब तहसीलदार, लेखपाल और दोनों जिलों के राजस्व कर्मियों को बुलाया गया। राजस्व टीम ने घटनास्थल की नाप-जोख (पैमाइश) शुरू की। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यह साफ हुआ कि मामला बेलहरी गांव का है और घटनास्थल सीतापुर की नैमिष कोतवाली क्षेत्र में आता है। सीमा स्पष्ट होने के बाद नैमिष पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
हत्या की आशंका, रस्सी से बंधा था शव
शव की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंका गया है। मृतक का शव सफेद कपड़े और डोरी (रस्सी) से बंधा हुआ था। इसके साथ ही मृतक के सिर पर खून और गंभीर चोट के निशान मिले हैं। मृतक युवक लोअर और चेकदार शर्ट पहने हुए था।
शिनाख्त की कोशिशें जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अभी तक मृतक की पहचान नहीं कर पाई है। नैमिष कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नवनीत मिश्रा ने बताया कि युवक की पहचान के लिए आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




