व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है-श्री वीहसंत सागर जी महाराज

आशियाना दिगंबर जैन मंदिर मेंआयोजित धर्मसभा में पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर

लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर मेंआयोजित धर्मसभा में पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि बड़ा बनने के लिए ऊंची आवाज नहीं, बल्कि ऊंचे विचारों की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि सम्मान उम्र से नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार, उत्तम संस्कारों और श्रेष्ठ कार्यों से प्राप्त होता है। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है।

उपाध्याय श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में विनम्रता, सदाचार और सेवा भावना अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है, वही समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।

इस अवसर पर आनंदमय पावन वर्षायोग समिति 2026 के अध्यक्ष चंदप्रकाश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज का 43वां अवतरण दिवस (जन्म दिवस) दिनांक 12 अगस्त 2026 को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम फॉर्च्यून बैंक्वेट हॉल, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में दोपहर 1 बजे से आयोजित होगा। कार्यक्रम आनंदमय पावन वर्षायोग समिति 2026 के तत्वावधान में संपन्न होगा।

उन्होंने बताया कि पूज्य उपाध्याय श्री के जन्मोत्सव में सम्मिलित होने हेतु उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जैन श्रद्धालु बसों एवं अन्य वाहनों द्वारा लखनऊ पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।

 

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