
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। शशि सुंदर फिल्म्स के बैनर तले बन रही राजस्थानी आध्यात्मिक फिल्म ‘भक्त सुंदरदास’ के प्रथम चरण की शूटिंग सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई।
भीषण गर्मी और लगभग 48 डिग्री तापमान के बावजूद फिल्म की शूटिंग फतेहपुर शेखावाटी एवं रामगढ़ शेखावाटी के धोरों, ग्रामीण क्षेत्रों और प्राकृतिक लोकेशनों पर लगातार जारी रही। कठिन मौसम परिस्थितियों के बीच कलाकारों और तकनीकी टीम ने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ शूटिंग पूरी कर फिल्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
श्री बालाजी स्कूल
फिल्म का विधिवत शुभारंभ नगरदास गांव स्थित श्री बालाजी स्कूल एवं बालाजी मंदिर परिसर में किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, कलाकारों और फिल्म से जुड़े सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में श्री बालाजी स्कूल के निर्देशक धर्मपाल मील एवं ताराचंद मील ने सभी कलाकारों और तकनीकी टीम का दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
सह-निर्देशक की जिम्मेदारी संजय भाटी
फिल्म के लेखक एवं निर्देशक बी.एल. मान हैं, जबकि सह-निर्देशक की जिम्मेदारी संजय भाटी निभा रहे हैं। फिल्म के डीओपी सुरेश खांडल हैं तथा कहानी भंवर सिंह शेखावत द्वारा लिखी गई है। फिल्म में भंवर सिंह शेखावत डबल रोल में नजर आएंगे, वहीं बाल कलाकार मास्टर अनिरुद्ध सिंह शेखावत की विशेष भूमिका भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
फिल्म में हर्षिका, अमन सिंह राठौड़, ऐश्वर्या, खुशी रानी, राकेश लोहरा (कॉमेडियन जॉनी), धर्मपाल बशीर, ममता अग्रवाल, दीपक व्यास, मनोज कुमावत (फौजी), दिलीप कुमावत, पवन, देवकिशन, विशाल, योगेश, कालू बन्ना, राम चौधरी, आयुष जांगिड़, आयुष सैनी, धर्मपाल मील, ताराचंद मील एवं बृजलाल मील सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
भक्ति, त्याग और आध्यात्मिक आस्था पर आधारित
फिल्म की कहानी भक्ति, त्याग और आध्यात्मिक आस्था पर आधारित है। फिल्म यह संदेश देती है कि यदि बच्चों के मन में बचपन से भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास का संस्कार विकसित किया जाए, तो वही आस्था जीवन के कठिन समय में शक्ति, मार्गदर्शन और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बनती है।
जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
लेखक एवं निर्देशक बी.एल. मान ने बताया कि फिल्म के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए इसे राजस्थानी सिनेमा के लिए प्रेरणादायक एवं महत्वपूर्ण पहल बताया।





