सहकारिता आंदोलन से गांवों के 8.90 लाख नए सदस्य जुड़े

सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ सहकारिता आंदोलन ने देश के कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है।

तकनीक आधारित ई-पैक्स, डिजिटल भुगतान प्रणाली और सहकारी संस्थाओं के विस्तार से किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और ग्रामीणों को आर्थिक मजबूती मिली है।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में तकनीक के समावेश से पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ी है। ई-पैक्स के जरिए कार्य संचालन और अंकेक्षण आसान हुआ है, जबकि डिजिटल भुगतान प्रणाली से भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में सहकारिता आंदोलन गांव-ढाणी तक पहुंच चुका है। प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियों से 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं और सदस्यता अभियान के तहत 8 लाख 90 हजार नए सदस्य जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का डेयरी सहकारिता मॉडल लाखों पशुपालक परिवारों की आय का मजबूत आधार बना है। राज्य के डेयरी संघ अब घाटे से निकलकर मुनाफे में हैं और 10 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया गया है। प्रदेश में दूध संग्रह 38 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 45 लाख लीटर तक पहुंच गया है।

प्रथम चरण में 5 हजार 646 पैक्स का कंप्यूटरीकरण

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 5 हजार 646 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कर उन्हें ई-पैक्स बनाया गया है। इनके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हो चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। साथ ही, 1 हजार 977 एम-पैक्स के गठन के साथ राजस्थान इस क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है।

समारोह में राजस्थान को कई महत्वपूर्ण सौगातें भी मिलीं। राज्य में 10 नए अन्न भंडारण गोदामों का शिलान्यास, 50 गोदामों का लोकार्पण तथा 100 गोदामों का राज्य भंडारण निगम को हस्तांतरण किया गया। जयपुर के सुमेल गांव में 64 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले ‘सहकार वन’ का ई-भूमि पूजन भी किया गया।

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि मजबूत सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसी का परिणाम है कि भारत आज दुग्ध उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है।

इस अवसर पर देशभर में 50 हजार पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करने, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल 3.0, जियो टैग मोबाइल ऐप, एनडीडीबी के दूध सप्लाई समीक्षा डैशबोर्ड सहित कई नई पहलों का शुभारंभ किया गया

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