ऑपरेशन दानव में इनामी पोरस भारद्वाज हरियाणा से गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस की सीआईडी-क्राइम ब्रांच

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। राजस्थान पुलिस की सीआईडी-क्राइम ब्रांच ने अलवर के चर्चित जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट मामले में फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी पोरस उर्फ पोरस भारद्वाज को हरियाणा के झज्जर क्षेत्र से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन तथा उपमहानिरीक्षक पुलिस राशी डोगरा डूडी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में सीआईडी-सीबी की स्पेशल टीम ने आरोपी को दस्तयाब किया।

उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम को पुख्ता मुखबिर सूचना और तकनीकी इनपुट मिले थे कि आरोपी हरियाणा के झज्जर इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद सीआईडी-सीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए अलवर शहर कोतवाली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

कई राज्यों में बदल रहा था ठिकाना

पुलिस के अनुसार आरोपी पोरस पुत्र मोहन भारद्वाज निवासी दहमी थाना बहरोड़, अलवर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, अलवर द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए हरिद्वार, गुरुग्राम, दिल्ली, जयपुर, रोहतक और झज्जर सहित कई शहरों में लगातार ठिकाने बदल रहा था।

सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम पिछले कई दिनों से उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखे हुए थी। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

2023 में हुआ था जानलेवा हमला

यह मामला 30 अगस्त 2023 की रात अलवर शहर कोतवाली क्षेत्र का है। आरोप है कि हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसके चचेरे भाई प्रदीप सिंह उर्फ मोगली पर हथियारों से लैस बदमाशों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने तलवार, फर्सी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर प्रदीप सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। साथ ही जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप भी लगाया गया था।

घटना के संबंध में अलवर शहर कोतवाली थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पहले ‘दानव’,अब ‘पोरस’ गिरफ्तार

इससे पहले सीआईडी-सीबी की टीम इसी मामले में मुख्य आरोपी अभयराज उर्फ दानव को जयपुर के राजापार्क इलाके से गिरफ्तार कर चुकी है। अब दूसरे आरोपी पोरस भारद्वाज की गिरफ्तारी को भी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल कृष्णगोपाल शर्मा और अरुण कुमार शर्मा की विशेष भूमिका रही। वहीं हेड कांस्टेबल बृजेश शर्मा एवं कांस्टेबल सोहनदेव यादव ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

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