
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि बिजली-पानी की बचत, अधिकाधिक पौधारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर राजस्थान को हरित, स्वच्छ और जल संपन्न बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, निर्मल जल और हरित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री विश्व पर्यावरण दिवस पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वर्षा ऋतु में मिशन हरियालो राजस्थान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और हरियालो राजस्थान जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में सफल रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत अभियान, मिशन लाइफ, नमामि गंगे, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम और पीएम सूर्य घर योजना जैसी पहलें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में राजस्थान ने देशभर में प्रथम
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में राजस्थान ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य सरकार ने मिशन हरियालो राजस्थान के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिनमें से अब तक करीब 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित जिलों में नमो चंदन वन स्थापित किए जा रहे हैं तथा जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत समिति स्तर पर नमो वन, मॉडल ऑक्सीजोन, गोबरधन परियोजनाएं और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट विकसित किए जा रहे हैं। जयपुर में वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम भी स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा दशहरा पर शुरू किया गया वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। अभियान में 1.80 करोड़ महिलाओं सहित लगभग 4 करोड़ लोगों की भागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन के व्यापक कार्य हुए हैं।
समारोह में अलवर और भिवाड़ी में अर्ली वार्निंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। साथ ही राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और सीएसआईआर के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने आरएसपीसीबी के चार क्षेत्रीय कार्यालयों का शिलान्यास तथा सात नई पौधशालाओं और आठ प्रे-बेस ऑग्मेंटेशन एनक्लोजर्स का लोकार्पण किया।
‘प्रकृति से प्रेरित’ प्रदर्शनी का उद्घाटन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘प्रकृति से प्रेरित’ प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान एक नन्हे पर्यावरणमित्र ने मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री से ऑटोग्राफ भी लिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने उसे स्नेहपूर्वक प्रोत्साहित किया।
समारोह में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, सांसद मंजू शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद् और प्रकृति प्रेमी उपस्थित रहे।





