अवैध धर्मांतरण के बड़े अंतरजनपदीय रैकेट का भंडाफोड़

केरल के आरोपी समेत 4 गिरफ्तार; कानपुर का मास्टरमाइंड रडार पर

रामनाथ रावत

सीतापुर।पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के सख्त निर्देश पर सीतापुर पुलिस ने समाज के गरीब और कमजोर तबके को निशाना बनाने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय अवैध धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘सेंट्रल यूपी मिशन’ नेटवर्क से जुड़े 4 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से तंगहाल लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करा रहे थे।

अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) दुर्गेश कुमार सिंह के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी मिश्रिख बृजेश कुमार के नेतृत्व में मिश्रिख कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सबसे पहले हरगांव के ग्रीन फील्ड स्कूल के पीछे से सुरेश चंद्र को दबोचा। सुरेश की पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लखीमपुर खीरी के रामापुर, सुंदरवल और भीरा इलाकों में छापेमारी कर तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश चंद्र (निवासी: हरगांव, सीतापुर) कमलेश कुमार (निवासी: रामापुर, खीरी) श्रवण कुमार (निवासी: सुंदरवल, खीरी) अरुण एशुदाशन (मूल निवासी: केरल) के रुप में हुई है।

‘सेंट्रल यूपी मिशन’ नाम की ईसाई मिशनरी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे साल 2002 से ‘सेंट्रल यूपी मिशन’ नाम की ईसाई मिशनरी से जुड़े हैं। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कानपुर का रहने वाला जॉनी सर उर्फ जोनाथन जोशुआ है। जोनाथन ने ही ‘सेंट्रल यूपी मिशन’ नाम की किताब लिखी है। वह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस नेटवर्क को संचालित करता है और धर्मांतरण गतिविधियों के लिए भारी फंडिंग मुहैया कराता है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।

जांच में ‘सेंट्रल यूपी मिशन’ व्हाट्सएप ग्रुप से भारी मात्रा में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है और नेटवर्क के मुख्य सरगना की तलाश तेज कर दी है।

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