
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) राजस्थान की ओर से संचालित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार को एनसीसी कॉम्पलेक्स, जेएलएन मार्ग, गांधी नगर में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम, लाइव रेस्क्यू डेमो और आधुनिक आपदा राहत उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करना रहा।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में 1 राजस्थान आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी के 57 स्वयंसेवकों (6 महिला एवं 51 पुरुष) ने भाग लिया। ये कैडेट्स वर्तमान में एसडीआरएफ के माध्यम से सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ रूपिन्दर सिंघ ने कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित युवा समाज के लिए प्रथम प्रतिक्रिया दल की भूमिका निभा सकते हैं। एनसीसी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल एयर कॉमोडोर सम्पत कुमार आनंद ने आपदा परिस्थितियों में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत महानिरीक्षक पुलिस आरएसी एवं एसडीआरएफ परम ज्योति के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने युवाओं से प्रशिक्षण में प्राप्त कौशल का उपयोग समाज की सुरक्षा और सेवा में करने का आह्वान किया।
रोप रेस्क्यू डेमो बना आकर्षण का केंद्र
एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने रोप रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन कर ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को राहत पहुंचाने और विभिन्न आपदाओं में बचाव कार्यों की तकनीक दिखाई। जवानों की दक्षता और समन्वय ने कैडेट्स को प्रभावित किया।
हार्ट अटैक, सड़क हादसे और बाढ़ से बचाव की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना, बाढ़, गैस सिलेंडर में आग जैसी आपात परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता और बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए गए। कैडेट्स को समझाया गया कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले आम नागरिक किस प्रकार प्रभावित लोगों की मदद कर सकते हैं।
आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी
एसडीआरएफ की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई। कैडेट्स को उपकरणों की कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन में उनकी उपयोगिता की जानकारी दी गई।
कमांडेंट एसडीआरएफ राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बल की संरचना, कार्यप्रणाली और प्रदेश में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी। कार्यक्रम में ग्रुप कमांडर कर्नल सुरेश सिंधु (सेना मेडल), कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर, एनसीसी अधिकारी एवं जवान, वार्षिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 326 कैडेट्स तथा जयपुर ग्रुप कैंप की छह इकाइयों से आए 82 अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।





