
रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में जयपुर मेट्रो फेज-2 का भूमि पूजन एवं शिलापूजन कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने पाइलिंग रिंग मशीन का पूजन कर पाइलिंग कार्य का शुभारंभ किया और लगभग 41 किलोमीटर लंबे मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर के मॉडल का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जयपुर को मेट्रो विस्तार की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि फेज-2 पूरा होने के बाद शहरवासियों को बेहतर, सुगम और किफायती आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा जयपुर मेट्रो शहर की “लाइफलाइन” बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता के अनुसार भविष्य में फेज-3 और फेज-4 पर भी कार्य शुरू किया जाएगा।
मेट्रो में सफर कर यात्रियों से जाना अनुभव
मुख्यमंत्री सीतापुरा मेट्रो डिपो से इलेक्ट्रिक बस के जरिए मानसरोवर मेट्रो स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने टिकट विंडो से टिकट लेकर मानसरोवर से छोटी चौपड़ तक मेट्रो में यात्रा की। सफर के दौरान उन्होंने महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। यात्रियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे जयपुर मेट्रो फेज-2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेट्रो के कॉकपिट से फेज-2 के तहत खासाकोठी में बनने वाले इंटरचेंज स्टेशन की साइट का भी निरीक्षण किया। छोटी चौपड़ स्टेशन पहुंचकर उन्होंने वहां स्थित आर्ट गैलरी का अवलोकन भी किया।
13,037 करोड़ रुपये की परियोजना
जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। करीब 13,037 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी।
परियोजना में एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन का भी निर्माण होगा। पहले पैकेज के तहत 918 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों के लिए स्वीकृति पत्र (एलओए) पहले ही जारी किया जा चुका है।
कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, विधायक कैलाश चंद वर्मा, गोपाल शर्मा, बालमुकुन्दाचार्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, आरएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।





