एक्सप्रेस-वे की जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

25 मई से अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

लखनऊ। आगरा-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहित की जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि 24 मई तक किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो 25 मई से सरोजनीनगर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार और प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि लखनऊ की जमीन का बाजार मूल्य काफी अधिक है, लेकिन किसानों को दिया जा रहा सर्किल रेट बेहद कम है। किसानों का आरोप है कि वर्ष 2014 के बाद अब अगस्त 2025 में नया सर्किल रेट लागू किया गया, लेकिन इसमें 11 वर्षों की तुलना में बेहद मामूली बढ़ोतरी की गई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2013-14 के सर्किल रेट के अनुपात में वर्तमान रेट बढ़ाया जाए और एक्सप्रेस-वे में जाने वाली जमीन का मुआवजा कम से कम एक करोड़ रुपये प्रति बीघा दिया जाए। किसानों ने साफ कहा कि एक करोड़ रुपये से कम मुआवजे पर वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
संगठन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि तय समय तक समाधान नहीं होने पर किसान तहसील सरोजनीनगर में अनिश्चितकालीन धरना देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। साथ ही धरना स्थल पर किसानों के लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, उपजिलाधिकारी सरोजनीनगर व मोहनलालगंज समेत पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है।
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