
रामनाथ रावत
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के हरगांव थाना प्रभारी (SHO) बलवंत सिंह शाही को कार्यशैली में लापरवाही और मारपीट के मामले में सही कार्रवाई न करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जून 2026 में हुए एक विवाद के बाद यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश राही ने खुद एसपी कार्यालय पहुंचकर इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई थी। मंत्री के कड़े रुख और जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने यह बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।जून माह में हरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि थाना प्रभारी बलवंत सिंह शाही ने इस संवेदनशील मामले में घोर लापरवाही बरती और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम नहीं उठाए।
पीड़ित पक्ष की सुनवाई न होने पर मामला गरमा गया। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश राही ने मामले में हस्तक्षेप किया। मंत्री खुद एसपी दफ्तर पहुंचे और थाना प्रभारी की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसके तुरंत बाद महकमे ने शाही को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब बलवंत सिंह शाही अपनी कार्यशैली को लेकर सवालों के घेरे में आए हैं।
शाही पर रिश्वत मांगने और ड्यूटी के नाम पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित
इससे पहले भी वह लगातार गंभीर विवादों और आरोपों से घिरे रहे हैं। मार्च 2024 (रामकोट थाना) में तैनाती के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने शाही पर रिश्वत मांगने और ड्यूटी के नाम पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगाया था। इस संबंध में पीड़ित महिला सिपाही ने सीधे पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजा था। सितंबर 2025 (सिधौली कोतवाली) तैनात रहते हुए एक राजनीतिक कार्यकर्ता को थाने बुलाने के मुद्दे पर शाही का भाजपा जिला उपाध्यक्ष के साथ विवाद हो गया था।
इस दौरान दोनों के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर काफी उंगलियां उठी थीं। लगातार मिल रही शिकायतों, वायरल वीडियो और अब सीधे कैबिनेट मंत्री के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन ने बलवंत सिंह शाही पर यह सख्त कार्रवाई की है




