प्रेम प्रसंग में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या

बाड़मेर सदर पुलिस ने सुलझाया ब्लाइंड मर्डर

रिपोर्ट – सिद्धार्थ जैन

जयपुर। बाड़मेर जिले की सदर थाना पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति तेजाराम भील की हत्या की साजिश रची और वारदात के बाद शव को साढ़े तीन से चार फीट गहरे पानी के टांके में फेंक दिया।

जिला पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के निर्देशन में सदर थाना पुलिस और वृत्त कार्यालय की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर कुछ ही दिनों में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी नेतल देवी और उसके प्रेमी गुमानसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है।

बताते चले की 4 जून को महाबार निवासी महेशाराम भील ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई तेजाराम की लाश नौखड़ा मालपुरा फांटा के पास सरहद हुकमानियों की ढाणी में हेमाराम जाट के पानी के टांके में तैरती हुई मिली है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की।

घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान और प्रारंभिक जांच में पुलिस को मृतक की पत्नी और उसके एक परिचित की भूमिका संदिग्ध नजर आई। इसके बाद 15 जून को मृतक के भाई ने पत्नी नेतल देवी, उसके प्रेमी गुमानसिंह और निम्बाराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के सुपरविजन और सीओ रमेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुमानसिंह पुत्र अनोप सिंह राजपूत निवासी मीठड़ा/महाबार तथा मृतक की पत्नी नेतल देवी को गिरफ्तार कर लिया।

जालोर में मजदूरी के दौरान सामने आया प्रेम प्रसंग

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तेजाराम जालोर में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसे अपनी पत्नी नेतल देवी के गुमानसिंह राजपूत के साथ संबंधों की जानकारी हुई। घर लौटने पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद नेतल देवी अपने बच्चों को लेकर बाड़मेर आ गई।

तेजाराम जब पत्नी को समझाने और गुमानसिंह से बात करने बाड़मेर पहुंचा तो वहां भी पति-पत्नी और प्रेमी के बीच विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक इसके बाद गुमानसिंह और नेतल देवी ने मिलकर तेजाराम की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को सुनसान इलाके में स्थित पानी के टांके में फेंक दिया।

पुलिस ने बताया कि इस मामले के खुलासे में सदर थाने के कांस्टेबल भरत कुमार और शंकर सिंह की तकनीकी साक्ष्य जुटाने एवं फील्ड इंटेलिजेंस में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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