योग प्राचीन भारतीय विरासत का एक हिस्सा है- रोहित कश्यप

लखनऊ- इंस्टिट्यूट ऑफ आर्ट एंड कल्चर एवं कमला दयाल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आज़ादी का अमृत महोत्सव  के अंतर्गत  योग दिवस के अवसर पर ऑनलाइन बाल चित्रकला प्रतियोगिता का प्रदेश स्तरीय आयोजन हुआ। जिसमें लखीमपुर सीतापुर, कानपुर ,गोरखपुर से लगभग डेढ़ सौ बच्चों ने प्रतिभाग किया। विद्वान निर्णायक मंडल द्वारा प्रथम द्वितीय तृतीय प्रतिभागियों का चयन किया गया  जिसमें प्रथम पुरस्कार अथर्व गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार आराध्या प्रभाकर ,तृतीय पुरस्कार  रूद्र वर्मा, पल्लवी एवं चाहत को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया ।
चयन के उपरांत तथा प्रतियोगिता के चयनित  पोस्टर का विमोचन नगर निगम के पूर्व उप सभापति रंजीत सिंह द्वारा द्वारा किया गया  । इस अवसर योगाभ्यास कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। दिलीप कुमार ने कपालभाती, सूर्य नमस्कार, अनुलोम विलोम, ताड़ासन, योग मुद्रा आसन, मंडूक आसन, गोमुख आसन आदि का प्रदर्शन करके दिखाया। पूर्व उपसभापति रंजीत सिंह ने कहा कि योग से हमें शांति तथा आनंद प्राप्त होता है, योग से हमारा मस्तिष्क एकाग्रचित्त होकर काम करता है।
सचिव श्रीश सिंह  ने कहा की योग से हमारे मन में अच्छे विचारों का निवास होता है, योग हमारे शरीर को स्वस्थ, लचीला तथा शक्तिशाली भी बनाए रखता है। संस्थान के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा की योग शब्दों में व्यक्त नहीं हो सकता, वह तो अनुभूति का विषय है। योग जुड़ने के अर्थ में सभी जानते हैं जिसमें आत्मा परमपिता परमेश्वर से जोड़ने की प्रक्रिया आती है। यह जुड़ाव ही सतचित आनंद स्वरूप की संकल्पना की सिद्धि है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राजा राम फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित कश्यप ने कहा की योग प्राचीन भारतीय विरासत का एक हिस्सा है। यह मानवता के लिए भारत का उपहार, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है। योग मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करता है।
कार्यक्रम मे फाउंडेशन के सचिव संजीव गुप्ता, अमित सक्सेना, राकेश प्रभाकर, दिलीप कुमार, रितेश जयसवाल ,आरती वर्मा , जीशान अहमद ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

Rajeev Jain

rajeevcrime@gmail.com

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